दान कभी दिखावे का नहीं करना चाहिए!
यानी दान(DONATION)आपको यह सोचकर करना चाहिए कि आप को उससे लाभ की आशा न हो, आजकल डोनेशन बहुत सी जगह सहायता कम दिखावा ज्यादा हो गया है, जिधर देखो सब तस्वीर खिंचवाएं ही जा रहे हैं,एक कंबल को भी 20-20लोग मिलकर दे रहे हैं,ऐसा दान किसी के लिए भी फलित नहीं होता,जब आप दान अपना कर्म समझ कर देंगे, तो यकीन रखें आपको आपके अंदर ईश्वरीय तत्व और पवित्रता की प्राप्ति होगी व श्रेष्ठ आत्मिक तत्व उसका एहसास आप करेंगे! दिखावे के दान से आप समाज में बड़ा बनना चाहते हैं, पर बनते नहीं, जैसे कि::-- आपने किसी तरह का एक आयोजन रखा है,जहां आप गरीब लोगों में कुछ वितरित करना चाहते हैं, या किसी मरीज की सहायता करते हैं,सबका व आपका और आपकी टीम आपके साथियों का ध्यान दान के भाव से ज्यादा कैमरे के लेंस पर अधिक होता है, आप सोचते हैं कि आपको लोग बहुत बड़ा समाज सेवक किया धर्मात्मा मानेंगे ,लेकिन आप जितना भी होशियार हैं ,जनता और लोग आप से अधिक समझदार हैं ,पहले की तरह लोग नहीं रहे, जो दिखावे की वस्तु को मानते थे, अब लोग जानते हैं, कि जो कुछ भी आप कर रहे हैं ,वह सिर्फ अखबार और न्यूज में खुद की छवि को बेहतर बनाने के लिए कर र...